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डीपीडीपी एक्ट के जुर्माने: अनुसूची की राशियाँ

डेटा संरक्षण बोर्ड, जाँच और सुनवाई के बाद, अधिनियम या नियमों के उल्लंघन को गंभीर पाने पर मौद्रिक जुर्माना लगा सकता है (धारा 33(1))। अनुसूची हर तरह के उल्लंघन के लिए उसकी अधिकतम सीमा तय करती है। जुर्माने 13 मई 2027 से लागू होंगे।

अनुसूची

उल्लंघनधाराअधिकतम जुर्माना
वैयक्तिक डेटा उल्लंघन रोकने के लिए उचित सुरक्षा उपाय न करना8(5)₹250 करोड़
वैयक्तिक डेटा उल्लंघन की सूचना बोर्ड और हर प्रभावित डेटा प्रिंसिपल को न देना8(6)₹200 करोड़
बच्चों के डेटा से जुड़े अतिरिक्त दायित्व पूरे न करना9₹200 करोड़
महत्वपूर्ण डेटा फ़िड्युसरी के अतिरिक्त दायित्व पूरे न करना10₹150 करोड़
डेटा प्रिंसिपल का अपने कर्तव्य पूरे न करना, जैसे झूठी या तुच्छ शिकायत करना15₹10,000
बोर्ड द्वारा स्वीकार किया गया स्वैच्छिक वचन तोड़ना32उस उल्लंघन का जुर्माना, जिस पर कार्यवाही हुई थी
अधिनियम या नियमों का कोई अन्य उल्लंघन–₹50 करोड़

बोर्ड राशि कैसे तय करता है (धारा 33(2))

  • उल्लंघन की प्रकृति, गंभीरता और अवधि।
  • प्रभावित वैयक्तिक डेटा का प्रकार और प्रकृति।
  • क्या उल्लंघन दोहराया गया।
  • क्या उल्लंघन से व्यवसाय को लाभ हुआ, या उसने कोई नुक़सान टाला।
  • क्या उसने उल्लंघन का असर कम करने के लिए क़दम उठाए, और कितनी जल्दी और कितने असरदार।
  • क्या जुर्माना उल्लंघन रोकने के लिए आनुपातिक और प्रभावी है।
  • जुर्माने का व्यवसाय पर संभावित असर।

यह भी जानें

  • ये अधिकतम राशियाँ हैं: अनुसूची कहती है कि जुर्माना इन तक हो सकता है।
  • जाँच के किसी भी चरण में बोर्ड स्वैच्छिक वचन स्वीकार कर सकता है; उसके बाद उस वचन के विषय पर कार्यवाही नहीं होती, जब तक वचन तोड़ा न जाए (धारा 32)।
  • बोर्ड के आदेश के ख़िलाफ़ साठ दिनों के भीतर अपीलीय अधिकरण में अपील की जा सकती है (धारा 29)।
  • जुर्माने की राशि भारत की संचित निधि में जाती है (धारा 34)।

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सवाल

₹10,000 का जुर्माना कौन भरता है?

डेटा प्रिंसिपल, यानी वह व्यक्ति जिसका डेटा है। धारा 15 उसके कर्तव्य बताती है, जैसे किसी और का रूप न धरना और झूठी या तुच्छ शिकायत न करना।

क्या उल्लंघन के बाद जल्दी क़दम उठाने से जुर्माना कम होता है?

बोर्ड को देखना होता है कि आपने उल्लंघन के असर और परिणाम कम करने के लिए क़दम उठाए या नहीं, और वे कितने समय पर और असरदार थे (धारा 33(2))।

जुर्माने कब से लगाए जा सकते हैं?

धारा 27 से 34, जिनमें जुर्माने हैं, 13 मई 2027 से लागू होंगी (G.S.R. 843(E))।

अधिनियम और G.S.R. 843(E) में 28 अक्टूबर 2026 को पढ़ा गया। यह क़ानूनी सलाह नहीं है।